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Showing posts from July, 2021

हनुमान जी के 12 नाम और उनके लाभ

 Ye kiu padhate hai, sune aur samjhe. आठ सिद्धियों और नौ निधियों के दाता हैं हनुमान जी महाराज। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि उनके 12 नामों के स्मरण मात्र से आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे और आपको समस्त सांसारिक सुखों की प्राप्ति भी होगी।  वो 12 नाम हैं -  1- हनुमान  2- अंजनी सुत  3- वायु पुत्र  4- महाबल  5- रामेष्ठ  6- फाल्गुण सखा  7- पिंगाक्ष 8- अमित विक्रम  9- उदधिक्रमण 10- सीता शोक विनाशन  11- लक्ष्मण प्राण दाता  12- दशग्रीव दर्पहा ये बहुत ही लाभकारी है। नीचे दी गई लिंक को कॉपी करें और यू ट्यूब पर सुनें। https://youtu.be/Dmo9I1OcT4k

जल(दान) या पानी पिलाना

जल दान को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जल दान से  न केवल खुद को आत्म संतोष मिलता है बल्कि प्यासे लोगों को पानी पीने से मिलने वाली तृप्ति से आपके धन्यधान्य में भी वृद्धिृ होती है। हर धर्म में भूखे को भोजन देना और प्यासे जीव को पानी पिलाकर तृप्त करना धर्म पालन में श्रेष्ठ कर्तव्य माना जाता है।  जल का दान, प्यासे को पानी पिलाने के लिए प्याऊ लगाना, पंखा दान जो ठंडी हवा देता है, कड़ी धूप से बचने के लिए छायादार स्थान बनाना, धूप से तपती जमीन से पैरों को बचाने के लिए पदयात्रियों को जूते-चप्पल या पादुका देना तथा भोजन कराने से पुण्य लाभ मिलता है।

वासुदेव या पीपल वृक्ष

 जलाशयके समीप पीपलका वृक्ष लगाकर मनुष्य जिस फलको प्राप्त करता है, वह सैकड़ों यज्ञोंसे भी नहीं मिल सकता । प्रत्येक पर्वके दिन जो उसके पत्ते जलमें गिरते हैं, वे पिण्डके समान होकर पितरोंको अक्षय तृप्ति प्रदान करते हैं तथा उस वृक्षपर रहने वाले पक्षी अपनी इच्छाके अनुसार जो फल खाते हैं, उसका ब्राह्मण- भोजनके समान अक्षय फल होता है । गर्मी के समयमें गौ, देवता और ब्राह्मण जिस पीपलकी छायामें बैठते हैं, उसे लगानेवाले मनुष्य के पितरों को अक्षय स्वर्ग की प्राप्ति होती है। अतः सब प्रकार से प्रयत्न करके पीपल का वृक्ष लगाना चाहिये। एक वृक्ष लगा देने पर भी मनुष्य स्वर्ग से भ्रष्ट नहीं होता । अतः अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।