जल(दान) या पानी पिलाना

जल दान को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जल दान से  न केवल खुद को आत्म संतोष मिलता है बल्कि प्यासे लोगों को पानी पीने से मिलने वाली तृप्ति से आपके धन्यधान्य में भी वृद्धिृ होती है।

हर धर्म में भूखे को भोजन देना और प्यासे जीव को पानी पिलाकर तृप्त करना धर्म पालन में श्रेष्ठ कर्तव्य माना जाता है।  जल का दान, प्यासे को पानी पिलाने के लिए प्याऊ लगाना, पंखा दान जो ठंडी हवा देता है, कड़ी धूप से बचने के लिए छायादार स्थान बनाना, धूप से तपती जमीन से पैरों को बचाने के लिए पदयात्रियों को जूते-चप्पल या पादुका देना तथा भोजन कराने से पुण्य लाभ मिलता है।

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