कृष्ण-गोविंद गीत

       कृष्ण गोविंद गोपाल गाते चलो


कृष्ण गोविंद गोपाल गाते चलो,

मन को विषयों के विष से हटाते चलो ।। टेक।।


देखना इंद्रियों के न घोड़े भगें

इनको संयम के दिन-रात कोड़े पढ़ें,

अपने रथ को सुमारग लगाते चलो ।।कृष्ण०।। 1


काम करते रहो,  नाम जपते रहो

कृष्ण प्यारे का तुम ध्यान धरते रहो,

पाप की वासनाएं मिटाते चलो ।।कृष्ण०।। 2


याद आवेगी उनको कभी न कभी

दर्श देवेंगे आकर कभी न कभी ,

ये ही विश्वास मन में जमाते चलो ।।कृष्ण०।। 3


दुःख में तड़पो मती सुख में फूलो मती

प्राण जाए मगर नाम भूलो मती

नाम धन का खजाना बढ़ाते चलो ।।कृष्ण०।। 4


नाम जप जप के भक्तों ने पाई गती

कृष्ण प्यारे इसी से करें विनती,

कृष्ण प्यारे को मन में रिझाते चलो ।।कृष्ण०।। 5


                   ★★★★★★★★


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