श्री बनकटी हनुमान जी , Varanasi, UP
ये पवित्र श्री हनुमानजी का अत्यंत प्राचीन मंदिर वाराणसी , उत्तर प्रदेश के दुर्गाकुंड मंदिर के ठीक पीछे स्थित है । यह एक सिद्ध स्थल है । यहां पर कभी बहुत घना जंगल था । ऐसी मान्यता है कि वन की ठंडक का आभास कर प्रभु अयोध्या से लौटते समय विश्राम के लिए यहां रुक गए थे । समय के साथ जंगलों की कटाई जब हुई तो इसके कारण लोगों को हनुमान जी की मूर्ति मिली । इसलिए इसका नाम बनकटी हनुमान जी पड़ा ।
मान्यता क्या है ?
यहां पर तुलसीदास जी प्रेरणा पाने और शान्ति के लिए रुके थे । यहां मूर्ति देख कर पूजा पाठ करने लगे । श्री हनुमानजी ने फिर प्रसन्न हो कर इनको कोढ़ी के रूप में दर्शन दिया और मागदर्शन किया ।
चूंकि तुलसीदास जी ने लगातार 41 दिनों तक दर्शन किया था और उनकी इच्छा पूरी हुई थी । तभी से 41 दिनों के दर्शन का चलन या व्रत का प्रदुर्भाव प्रारम्भ हुआ ।
यहीं पर पण्डित मदन मोहन मालवीय जी ने बीएचयू बनाने के लिए एक पंडित जी के बताने पर लगातार 41 दिनों तक दर्शन - पूजा किया और बीएचयू जैसे विशाल महाविद्यालय को बनाने में सफलता प्राप्त की ।
आज आधुनिक काल में पूरे भारत से जिस किसी को भी ये जानकारी है वो यहां दर्शन करने अवश्य आता है ।
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जय श्री राम ........
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